Thursday, October 15, 2026
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प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’: देहरादून के सरकारी स्कूल बने आधुनिक सुविधाओं से लैस, शिक्षा में आया सकारात्मक बदलाव

देहरादून — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में देहरादून जिला प्रशासन ने सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों के समान सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में शुरू किया गया प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ अब धरातल पर परिणाम दे रहा है। इस परियोजना ने जिले की सरकारी शिक्षा प्रणाली की दशा और दिशा दोनों बदल दी है।

जिलाधिकारी स्वयं इस मिशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और लगातार समीक्षा कर रहे हैं ताकि प्रत्येक विद्यालय तक सुविधाओं का लाभ पहुँच सके।

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ के तहत देहरादून जिले के सभी सरकारी विद्यालय अब स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, वाइट बोर्ड, एलईडी बल्ब, खेल मैदान और स्वच्छ पेयजल सुविधाओं से लैस हो चुके हैं।

379 विद्यालयों में पानी की टंकी,820 विद्यालयों में मंकी नेट,428 प्राथमिक विद्यालयों में बेबी स्लाइड,321 विद्यालयों में झूले,77 विद्यालयों में वॉलीबॉल कोर्ट,129 विद्यालयों में बैडमिंटन कोर्ट,और 474 विद्यालयों में ज्ञानवर्धक पेंटिंग्स बनाई गई हैं।

साझेदारी से सुदृढ़ हो रहा शिक्षा तंत्र ,ओएनजीसी द्वारा 34 विद्यालयों में 1974 फर्नीचर सेट, हुडको द्वारा 629 प्राथमिक विद्यालयों में 567 फर्नीचर सेट, और जिला खनिज न्यास से 119 विद्यालयों को 4260 फर्नीचर सेट उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही 168 विद्यालयों में डिजिटल लर्निंग हेतु स्मार्ट टीवी लगाने की प्रक्रिया चल रही है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में आधुनिक सुविधाएँ

त्यूनी, कोरवा और कालसी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को विशेष रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
इन विद्यालयों में अब डिजिटल स्मार्ट बोर्ड, प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्शन, इन्वर्टर, सीसीटीवी कैमरे, फर्नीचर, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, वाटर प्यूरीफायर, रोटीमेकर, वॉटर गीजर, ट्रैकसूट और स्पोर्ट्स शूज जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

केजीबीवी कोरवा में 100 कुर्सी-टेबल, 16 सीसीटीवी कैमरे, 30 रूम हीटर, 4 वाटर प्यूरीफायर, 19 डाइनिंग टेबल और वाई-फाई कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। विद्यालय के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर और सफाई कर्मी भी नियुक्त किए गए हैं, जिनके लिए वार्षिक ₹4 लाख मानदेय का प्रावधान किया गया है।

वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक पहल

जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत विद्यालयों में सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹1 करोड़ की राशि मुख्य शिक्षा अधिकारी के नियंत्रण में रखी है। प्रथम चरण में ₹94 लाख, द्वितीय चरण में ₹97.80 लाख आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा —₹18.41 लाख से वाइटबोर्ड, ₹27 लाख से जल टंकियां, ₹47.26 लाख से मंकी नेट, ₹23.26 लाख से झूले, ₹29.75 लाख से बेबी स्लाइड, ₹11.39 लाख से वॉलीबॉल कोर्ट, ₹39.35 लाख से बैडमिंटन कोर्ट, और ₹12.60 लाख से पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूरे किए गए हैं।

ज्ञान और प्रेरणा से भरपूर वातावरण

डीएम की पहल पर अब प्रत्येक विद्यालय में समाचार पत्र, पत्रिकाएं, शब्दकोश, महापुरुषों की जीवनी और ज्ञानवर्धक कॉमिक्स रखी जा रही हैं, जिससे बच्चों में पठन-पाठन की रुचि बढ़ रही है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ का लक्ष्य है कि सरकारी विद्यालय भी निजी स्कूलों की तरह आधुनिक, आत्मविश्वासी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र बनें। यह शिक्षा नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम है।”

प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ ने देहरादून जिले में सरकारी शिक्षा प्रणाली को एक नए युग में प्रवेश दिलाया है, जहाँ सरकारी विद्यालय अब केवल पढ़ाई के नहीं, बल्कि संपूर्ण विकास के केंद्र बन चुके हैं।

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